हया और वफ़ा: औरत के दो अनमोल रत्न, जिन्हें बेवकूफी में न गंवाएं! दुनिया में हर चीज़ की एक कीमत होती है, लेकिन एक औरत की 'हया' (शर्म-ओ-लिहाज़) और उसकी ' वफ़ा' (वफ़ादारी) ऐसी दौलत है जिसकी कीमत पूरी दुनिया की दौलत मिलकर भी नहीं चुका सकती। ये दो रत्न ही एक औरत का असली श्रृंगार और उसकी इज़्ज़त होते हैं। लेकिन आज के दौर में, जज्बात और गलत फैसलों की वजह से कई बार ये अनमोल रत्न मिट्टी में मिल जाते हैं। 1. मोहब्बत में हया का खो जाना अक्सर देखा गया है कि जब एक लड़की किसी से मोहब्बत करती है, तो वह उस पर अंधा भरोसा कर लेती है। उस "प्यार" के जुनून में वह अपनी सबसे बड़ी दौलत—अपनी हया—खो देती है। वह मर्द, जो कल तक उसके लिए मरने-मिटने की बातें करता था, उसके पीछे हज़ारों कसमें खाता था, जैसे ही उसे वह सब मिल जाता है जो वह चाहता था, उसके तेवर बदलने लगते हैं। वह लड़का जो कभी करीब आने के बहाने ढूँढता था, अब दूर होने के बहाने बनाने लगता है। सच तो यह है: जिसने तुम्हारी हया की कद्र नहीं की, वह तुम्हारी मोहब्बत की कद्र कभी नहीं करेगा। 2. वफ़ादारी का सौदा और गैर-मर्द से दोस्ती...