क्या सिर्फ अच्छा और ईमानदार होना ही काफी है? – सच्चे रब की पहचान आजकल अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या केवल एक अच्छा और ईमानदार इंसान होना ही काफी है? लेकिन जब हम अपने जीवन और ईमान की गहराइयों को समझते हैं, तो हमें एहसास होता है कि सच्चाई के रास्ते पर चलकर ही हम सही मायने में इंसान बनते हैं और अपने रब को पहचान पाते हैं। सच्चाई से ईमान का सफर जब कोई इंसान सच्चाई के रास्ते पर चलता है, तो उसका ईमान मज़बूत होता है। ईमान पर चलने से ही दीन मुकम्मल होता है। यह वही राह है जिस पर चलकर हज़रत अली (र.अ.), हज़रत उमर (र.अ.), हज़रत अबू बकर (र.अ.), और हज़रत उस्मान (र.अ.) जैसी महान हस्तियां इस दुनिया में मिसाल बनीं। ये वे नेक लोग हैं जिन्हें उनके कर्मों से जीते-जी जन्नत का वी वीआईपी (VVIP) कंफर्म टिकट मिला। इस बात को समझना ज़रूरी है कि केवल एक अच्छा इंसान होना ही काफी नहीं है, बल्कि उस सच्चे खुदा को मानना भी ज़रूरी है जिसने हमें पैदा किया, हमें खूबसूरत बनाया, और एक मज़बूत शरीर दिया। हमारे रब की मेहरबानियां वह खुदा ही है जो हमारे बुरे वक्त में हमारे काम आता है। अगर हम उस सच्चे खुदा को छोड़कर किसी और ...